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कुमारसंभवम् • अध्याय 13 • श्लोक 49
अथादितीन्द्रप्रमदाः समेतास्ता मातरः सप्त घनप्रमोदाः । उपेत्य भक्त्या नमते महेशपुत्राय तस्मै ददुराशिषः प्राक् ॥
तब अदिति और इन्द्र की स्त्रियाँ, वे सात माताएँ, अत्यन्त प्रसन्न होकर आईं और भक्ति से महेशपुत्र को प्रणाम कर उसे आशीर्वाद दिया।
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