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कुमारसंभवम् • अध्याय 13 • श्लोक 22
ततः सुराः शक्तिधरस्य तस्यावष्टम्भतः साध्वसमुत्सृजन्तः । उत्सेहिरे स्वर्गमनन्तशक्ते र्गन्तुं वनं यूथपतेरिवेभाः ॥
तब उस शक्तिधारी कुमार के आश्रय से देवताओं ने अपना भय त्याग दिया और अनन्त शक्ति के बल से स्वर्ग की ओर वैसे ही बढ़े जैसे हाथी अपने नेता के पीछे वन की ओर जाते हैं।
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