तुम आगे चलो, मैं आगे नहीं चलता; मैं अग्रणी नहीं हूँ, तुम ही आगे बढ़ो—इस प्रकार भयभीत देवताओं ने उसी क्षण स्वर्ग में प्रवेश करने को लेकर आपस में विवाद करना शुरू कर दिया।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुमारसंभवम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
कुमारसंभवम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।