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कुमारसंभवम् • अध्याय 12 • श्लोक 6
ततः स कक्षाहितहेमदण्डो नन्दी सुरेन्द्रं प्रतिपद्य सद्यः । प्रतोषयामास सुगौरवेण गत्वा शशंस स्वयमीश्वरस्य ॥
तब कक्ष में स्थित स्वर्णदण्डधारी नन्दी ने इन्द्र को आदरपूर्वक ग्रहण किया और स्वयं जाकर भगवान शिव को उसके आगमन की सूचना दी।
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