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कुमारसंभवम् • अध्याय 12 • श्लोक 36
स्वर्गीकसः स्वर्गपरिच्युताः किं स्वपुण्यराशौ सुमहत्तमेऽपि । चिहुं चिरोढं न तु यूयमेते निजाधिपत्यस्य परित्यजध्वम् ॥
क्या तुम स्वर्गवासी अपने महान पुण्य के होते हुए भी स्वर्ग से गिर गए हो? अथवा तुमने अपने अधिकार को छोड़ दिया है, जबकि तुम उसमें स्थिर हो?
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