मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
कुमारसंभवम् • अध्याय 12 • श्लोक 19
दृप्ताऽन्धकप्राणहरं पिनाकं महासुरस्त्रीविधवत्वहेतुम् । करेण गृह्णान्तमगृह्यमन्यैः पुरास्मरल्लोषणकेलिकारम् ॥
अन्धकासुर के प्राणों का हरण करने वाले पिनाक धनुष को हाथ में धारण किए हुए, जो महान असुरों की स्त्रियों के विधवा होने का कारण बना और जिसे अन्य कोई धारण नहीं कर सकता था।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुमारसंभवम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

कुमारसंभवम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें