हे ईश्वर! इन सबमें यह पुत्र किसका है, जो समस्त त्रिलोकी का अलंकार बन रहा है? अथवा यह किसी अन्य देव, दैत्य, गंधर्व, सिद्ध, नाग या राक्षस का है?
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुमारसंभवम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
कुमारसंभवम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।