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कुमारसंभवम् • अध्याय 11 • श्लोक 8
एतेषु कस्येदमपत्यमीशाखिलत्रिलोकीतिलकायमानम् । अन्यस्य कस्याप्यथ देवदैत्यगन्धर्वसिद्धोरगराक्षसेषु ॥
हे ईश्वर! इन सबमें यह पुत्र किसका है, जो समस्त त्रिलोकी का अलंकार बन रहा है? अथवा यह किसी अन्य देव, दैत्य, गंधर्व, सिद्ध, नाग या राक्षस का है?
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