मंगलोपहार लिए हुए माताएँ मातृत्वभाव से उसके पास आईं, उसके मस्तक पर दूर्वा और अक्षत रखकर उसे अपनी गोद में लेकर स्नेहपूर्वक दुलारने लगीं।
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