भागीरथी, अग्नि और कृतिकाओं की आँखें आनंदाश्रुओं से भरी हुई थीं; उस दिव्य बालक को अपनाने के लिए उनके बीच आपस में अत्यन्त प्रबल विवाद होने लगा।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुमारसंभवम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
कुमारसंभवम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।