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कुमारसंभवम् • अध्याय 10 • श्लोक 41
बहिरार्ता युगान्ताग्नेस्तप्तानीव शिखाशतैः । हित्वोष्णानि जलान्यस्या निर्जग्मुर्जलजन्तवः ॥
प्रलयकालीन अग्नि की ज्वालाओं से तप्त होकर, उसके जल में रहने वाले जीव गर्म जल को छोड़कर बाहर निकल गए।
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