हिरण्यरेतसा तेन देवी स्वर्गतरङ्गिणी । तीर्णाध्वना प्रपेदे सा निःशेषक्लेशनाशिनी ॥
उस हिरण्यरेतस को धारण कर, स्वर्ग की तरंगिणी देवी गंगा ने मार्ग पार किया और वह समस्त क्लेशों को नष्ट करने वाली है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुमारसंभवम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
कुमारसंभवम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।