मानो सृष्टिकर्ता ने सभी उपमाओं के पदार्थों को उचित स्थान पर रखकर उसे इस प्रकार बनाया हो कि एक ही स्थान पर सम्पूर्ण सौंदर्य का दर्शन हो सके।
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