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कुमारसंभवम् • अध्याय 1 • श्लोक 49
सर्वोपमाद्रव्यसमुच्चयेन यथाप्रदेशं विनिवेशितेन । सा निर्मिता विश्वसूजा प्रयन्नादेकस्थसौन्दर्यदिदृक्षयेव ॥
मानो सृष्टिकर्ता ने सभी उपमाओं के पदार्थों को उचित स्थान पर रखकर उसे इस प्रकार बनाया हो कि एक ही स्थान पर सम्पूर्ण सौंदर्य का दर्शन हो सके।
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