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कुलार्णव • अध्याय 9 • श्लोक 72
यद्वन्मन्त्रबलोपेतः क्रीडनीयैर्न दृश्यते । तद्दन्न दृश्यते ज्ञानी क्रीडन्निन्द्रियपन्नगैः ॥
जैसे मन्त्रबल से युक्त खिलाड़ियों द्वारा नहीं देखा जाता, वैसे ही ज्ञानी इन्द्रियरूपी सर्पों से क्रीडा करते नहीं दिखाई देता।
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