जैसे मन्त्रबल से युक्त खिलाड़ियों द्वारा नहीं देखा जाता, वैसे ही ज्ञानी इन्द्रियरूपी सर्पों से क्रीडा करते नहीं दिखाई देता।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुलार्णव के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
कुलार्णव के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।