गुणहीन गुणी, अकुलीन कुलीन और अधर्मी भी कौलिकों के लिये हे कुलेश्वरि! धर्मवान् बन जाते हैं। मृत्यु वैद्य बन जाती है, घर साक्षात् स्वर्ग हो जाता है और हे कुलेश्वरि! स्त्रियों का सङ्ग कौलिकों के लिये पुण्यकारक हो जाता है।
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