न विधिर्न निषेधः स्यान्न पुण्यं न च पातकम् ।
न स्वर्गों नैव नरकं कौलिकानां कुलेश्वरि ॥
हे कुलेश्वरि! कौलिकों के लिये न विधि है, न निषेध, न पुण्य है, न पाप और न स्वर्ग है, न नरक।
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