सदा मांसासवोल्लासी सदा चरणचिन्तकः ।
सदासंशयहीनो यः कुलयोगी स उच्यते ॥
सदा मांस मद्य के उल्लास में रहने वाला, सदा परम तत्त्व का चिन्तन करने वाला और सदा संशयों से दूर रहने वाला 'कुलयोगी' कहा जाता है।
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