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कुलार्णव • अध्याय 9 • श्लोक 32
उत्तमा सहजावस्था मध्यमा ध्यानधारणा । जपस्तुतिः स्यादधमा होमपूजाऽधमाधमा ॥
१. सहजावस्था उत्तम है। २. ध्यान-धारणा की अवस्था मध्यम है। ३. जप - स्तुति की अवस्था अधम है और ४. होम-पूजा की अवस्था अधम से भी अधम है।
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