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कुलार्णव • अध्याय 9 • श्लोक 24
योगीन्द्रेण यदा प्राप्तं निर्मलं परमं पदम् । देवासुरपदं यत्तत्प्राप्तञ्चापि न गृह्यते ॥
योगीन्द्र को जैसा निर्मल परम पद प्राप्त होता है, उसके समक्ष देवासुर पद भी प्राप्त होने पर ग्रहण करने योग्य नहीं है।
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