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कुलार्णव • अध्याय 9 • श्लोक 120
पृथिव्यां यानि कर्माणि जिह्वोपस्थनिमित्ततः । जिह्वोपस्थपरित्यागी कर्मणा किं करिष्यति ॥
पृथ्वी पर जो कर्म जीभ और उपस्थ के लिये हैं, उन कर्मों से उन अङ्गों के त्यागी का क्या सम्बन्ध?
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