शिवशक्ति समायोग से समाधि-जिस समय शिव और शक्ति का समायोग होता है, वही कुलधर्मनिष्ठ साधकों का सन्ध्याकाल है, जिसमें समाधि की स्थिति का अनुभव होता है।
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