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कुलार्णव • अध्याय 8 • श्लोक 92
अविभक्तौ यथा आवां लक्ष्मीनारायणौ यथा । यथा वाणीविधातारौ तथा वीरः सशक्तिकः ॥
हम दोनों या लक्ष्मी-नारायण अथवा सरस्वती-ब्रह्मा जिस प्रकार संयुक्त हैं, उसी प्रकार साधक सशक्ति वीर होता है।
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