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कुलार्णव • अध्याय 8 • श्लोक 90
चक्रमध्ये तु मूढात्मा जातिभेदं करोति यः । तं भक्षयन्ति योगिन्यस्त्वां शपे कुलनायिके ॥
चक्र के मध्य में जो मूर्ख जातिभेद मानता है, हे कुलनायिके! उसे योगिनियाँ खा जाती हैं और आपसे उसे शाप प्राप्त होता है।
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