क्षीरेण सहितं तोयं क्षीरमेव यथा भवेत् ।
तथा श्रीचक्रमध्ये तु जातिभेदो न विद्यते ॥
दूध के साथ जल जिस प्रकार दूध ही होता है, उसी प्रकार श्रीचक्र के मध्य जातिभेद नहीं रहता।
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