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कुलार्णव • अध्याय 8 • श्लोक 79
अष्टौ त्रिकालज्ञानोत्थाः प्रत्ययाश्च कुलेश्वरि । अष्टावस्थाश्च कम्पाद्या जायन्ते नात्र संशयः ॥
सप्तमोल्लास में प्राप्त आठों प्रत्यय, आठों अवस्थाएं और आठों सिद्धियाँ - हे कुलेश्वरि! सातवें उल्लास में त्रिकालज्ञान से उत्पन्न आठ प्रत्यय होते हैं और कम्प आदि आठ अवस्था होती है। हे कुलेश्वरि! इसमें संशय नहीं करना चाहिए।
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