यह मुद्रा सभी में श्रेष्ठ है। स्वाद और रूप का सामरस्य सदा इसमें अहन्त रहता है। इससे उल्लासित वीर साक्षात् शिव एवं शिवा ही हैं, इसमें सन्देह नहीं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुलार्णव के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
कुलार्णव के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।