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कुलार्णव • अध्याय 8 • श्लोक 7
अभिज्ञं मन्यमानैश्च प्रपञ्चव्रतधारिभिः । पशुभिः क्षुद्रकर्मस्थैर्न कुर्याद् द्रव्यसङ्गतिम् ॥
अज्ञानी, अहङ्कारी, प्रपञ्ची, पशुभावापत्र, क्षुद्र कर्म करने वाले साधक से द्रव्य की संगति न करे।
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