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कुलार्णव • अध्याय 8 • श्लोक 63
अज्ञानकरतालान्तमस्पष्टाक्षरगीतकम् । प्रस्खलत्पदविन्यासं नृत्यन्ति कुलशक्तयः ॥
कुलशक्तियाँ बिना जाने हुए ताली बजाती हैं और ऐसे गीत गाती है, जिनके अक्षर स्पष्ट नहीं होते तथा लड़खड़ाते पैरों से नृत्य करती हैं।
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