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कुलार्णव • अध्याय 8 • श्लोक 60
पुरुषं मोहादालिङ्गत्यनाङ्गनाम् । पुरुषः पृच्छति स्वपतिं मुग्धा कस्त्वं काहम् इमे च के ॥ किं कार्यं वयमायातः किमर्थमिह संस्थिताः । उद्यानं किमिदं हन्त गृहं किं प्राङ्गणं किमु ॥
मोहवश पुरुष पुरुष का आलिङ्गन करता है। मुग्धा स्त्री अपने पति से पूछती है कि आप कौन हो, मैं कौन हूँ और ये लोग कौन हैं? किस कार्य से हम आये हैं, किसलिये यहाँ बैठे हैं? क्या यह उद्यान है, घर है या क्या यह आंगन है?
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