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कुलार्णव • अध्याय 8 • श्लोक 6
अदीक्षितैरनाचारैरतन्त्रज्ञदैवतैः । दूषकैः समयभ्रष्टैर्न कुर्याद् द्रव्यसङ्गतिम् ॥
अदीक्षित, अनाचारी, अतन्त्रज्ञ, इष्टदेव से रहित, दोषभाव रखने वाले, समयाचार से भ्रष्ट साधक से द्रव्य की संगति न करे।
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