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कुलार्णव • अध्याय 8 • श्लोक 47
शिवाद्यवनिपर्यन्तं ब्रह्मादिस्तम्बसंयुतम् । कालाग्न्यादिशिवान्तञ्च जगद् यज्ञेन तृप्यतु ॥
शिव आदि देवगण, पृथ्वी पर्यन्त सृष्टि युक्त ब्रह्मादि, काल, अग्नि, भवानी एवं जगत् मेरे यज्ञ से तृप्त होवें।
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