आत्मनिष्ठ साधकों के समूह आनन्दित हों समायाचार से द्वेष करने वाले योगिनियों के शाप से नष्ट हों। वह सामरस्य की अवस्था वाली शम्भु की पत्नी पार्वती मेरे हृदय में प्रकट हो जायें। जिस शक्ति के गुरु रूप चरण कमल ही सत्य हैं वे हमारे हृदय में स्फुरण करें।
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