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कुलार्णव • अध्याय 8 • श्लोक 3
आरम्भस्तरुणश्चैव यौवनं प्रौडमेव च । तदन्तश्चोन्मनाश्चैव ततोल्लासश्च सप्तमः ॥
'उल्लास' सात है - १. आरम्भ, २. तरुण, ३. यौवन, ४. प्रौढ़, ५. प्रौढान्त, ६. उन्मना और ७. मनोल्लास (वश्योल्लास)।
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