हे देवि! पूर्णाभिषिक्तों के पान की विधि कहता हूँ - दोनों हाथों से पात्र को उठाकर मूलमन्त्र और पादुका को स्मरण करे। कण्ठ तक पान करे, तो मुक्त होता है, इसमें सन्देह नहीं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुलार्णव के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
कुलार्णव के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।