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कुलार्णव • अध्याय 7 • श्लोक 5
यत्किञ्चिद्धव्यसंघातं पूजार्थं भोगहेतुना आनीतं दीयते भक्त्या क्षेत्रपेभ्यः कुलेश्वरि ॥
पूजा एवं भोग के लिये जो भी द्रव्यसामग्री लाई गई हो, हे कुलेश्वरि! उसे भक्तिपूर्वक क्षेत्रपालों को प्रदान करे।
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