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कुलार्णव • अध्याय 7 • श्लोक 45
ततः स्वीकृत्य च गुरुः शिष्येभ्यः शेषदो भवेत् । आदाय गुरुणा दत्तं सद्वितीयासवं पिबेत् ॥
तब गुरुदेव स्वयं ग्रहण कर शेष द्रव्य शिष्यों को प्रदान करें। गुरुदेव द्वारा प्रदत्त आसव को द्वितीय तत्त्व के साथ पान करे।
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