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कुलार्णव • अध्याय 7 • श्लोक 39
मायादिपुरुषान्तैश्च शुद्धाशुद्धैश्च सप्तभिः । तत्त्वैः स्पर्शाहयैर्वर्णैः कामराजेन मन्त्रवित् । युक्तेन विद्यातत्त्वेन सूक्ष्मदेहं विशोषयेत् ॥
फिर 'माया' से 'पुरुष' तक के ७ शुद्धाशुद्ध तत्त्वों को कामराज (क्लो) से युक्त स्पर्श वर्णों द्वारा विद्यातत्त्व से शिष्य के सूक्ष्म देह का शोधन करें।
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