मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
कुलार्णव • अध्याय 7 • श्लोक 21
चण्डाली चर्मकारी च मातङ्गी पुक्कसी तथा । श्वपची खट्टकी चैव कैवर्ती विश्वयोषितः ॥ कुलाष्टकमिदं प्रोक्तमकुलाष्टकमुच्यते ।
आठ कुलशक्तियाँ - १ चाण्डाली, २ चर्मकारी, ३ मातङ्गी, ४ पुक्कसी, ५ श्वपची, ६ खट्टकी, ७ कैवर्ती, ८ विश्वयोषिता - ये आठ कुलशक्तियाँ 'कुलाष्टक' कही गई हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुलार्णव के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

कुलार्णव के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें