चण्डाली चर्मकारी च मातङ्गी पुक्कसी तथा । श्वपची खट्टकी चैव कैवर्ती विश्वयोषितः ॥
कुलाष्टकमिदं प्रोक्तमकुलाष्टकमुच्यते ।
आठ कुलशक्तियाँ - १ चाण्डाली, २ चर्मकारी, ३ मातङ्गी, ४ पुक्कसी, ५ श्वपची, ६ खट्टकी, ७ कैवर्ती, ८ विश्वयोषिता - ये आठ कुलशक्तियाँ 'कुलाष्टक' कही गई हैं।
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