बटुकादि बलि में अंगुलि नियम - हे प्रिये! अंगुष्ठ अनामिका से वटुक को, तर्जनी, मध्यमा, अनामा, अंगुष्ठ से योगिनी को, सभी अंगुलियों से सर्वभूत को, अंगुष्ठ तर्जनी से क्षेत्रपाल को और अंगुष्ठ मध्यमा से राजराजेश्वर को बलि दे।
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