ॐ ॐ ॐ अमुकक्षेत्रपाल राजराजेश्वर इमां पूजां बलिं गृह्मण गृहण स्वाहा।
यह २८ अक्षरों का मन्त्र है। इनसे वटुवंशसमन्वित राजराजेश्वर को बलि देकर प्रार्थना करे:-
अनेन बलिदानेन वटुवंशसमन्वितः ।
राजराजेश्वरो देवो मे प्रसीदतु सर्वदा ।।
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