(क्षेत्रपालबलि के मन्त्र—) ॐ ॐ ॐ देहि देहि देवीपुत्राय बटुकनाथाय उच्छिष्टहारिणे सर्वविघ्नान् नाशय नाशय गृहण गृह्मण रुरु क्षेत्रपाल सर्वोपचारसहितामिमां पूजां बलिं गृहण गृहण स्वाहा।
हे प्रिये! यह ६४ अक्षरों का सर्वसिद्धिप्रदायक क्षेत्रपाल का मन्त्र है।
इससे बलि देकर प्रार्थना करे—
योऽस्मिन् क्षेत्रे निवासी च क्षेत्रपालस्य किङ्करः ।
प्रीतोऽयं बलिदानेन सर्वरक्षां करोतु मे ॥
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