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कुलार्णव • अध्याय 7 • श्लोक 1
श्रीदेव्युवाच कुलेश बटुकादीनां बलिञ्च शक्तिलक्षणम् । तदद्रव्यस्यैव स्वीकारं वद मे करुणानिधे ॥
श्री देवी ने कहा - हे कुलेश! हे करुणा के समुद्र! बटुकादि को बलि और शक्ति के लक्षण तथा उनके द्रव्य स्वीकार के सम्बन्ध में भी मुझे बताइये।
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