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कुलार्णव • अध्याय 6 • श्लोक 85
एवं संपूज्य धूपञ्च दीपं नैवेद्यमेव च । आसवं पिशितोपेतं भक्ष्याणि विविधानि च । कदल्यादिफलान्येव ताम्बूलञ्च समर्पयेत् ॥
इस प्रकार ध्यानपूर्वक धूप, दीप, नैवेद्य आसव और मांसयुक्त विविध भक्ष्य पदार्थ, केला आदि फल तथा ताम्बूल समर्पित करे।
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