मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
कुलार्णव • अध्याय 6 • श्लोक 75
तस्माद् यन्त्रं लिखित्वा वा ध्यात्वा सावृतिकं शिवम् । ज्ञात्वा गुरुमुखात् सर्वं पूजयेद्विधिना प्रिये ॥
हे प्रिये! अतः 'यन्त्र' की रचना कर तथा साकार शिव का ध्यान कर और गुरुमुख से सब कुछ जानकर विधिपूर्वक पूजन करे।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुलार्णव के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

कुलार्णव के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें