'यन्त्र' शब्द की व्युत्पत्ति - काम क्रोधादि दोषों से उत्पत्र सभी प्रकार के दुःखों का नियन्त्रण करने से इसे 'यन्त्र' कहते हैं। 'यन्त्र' में पूजा करने से देवता प्रसन्न होते हैं।
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