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कुलार्णव • अध्याय 6 • श्लोक 67
मन्त्रहीनं क्रियाहीनं विधिहीनञ्च यद् भवेत् । क्षमया साधयेत् सर्वं हीनमङ्गं पदं तथा ॥
मन्त्रहीन, क्रियाहीन और विधिहीन अङ्ग या पद जो कुछ हो, उसे क्षमाप्रार्थना द्वारा सिद्ध करे।
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