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कुलार्णव • अध्याय 6 • श्लोक 55
मूर्ध्नि श्रीगुरुपङ्क्तीश्च मूलाधारे च पादुकाम् । दिव्यौघे चादिनाथश्च तच्छक्तिश्च सदाशिवः ॥
सिर पर श्रीगुरुप‌ङ्क्ति की और मूलाधार में श्री पादुका की पूजा करे। दिव्य सिद्ध एवं मानवौध गुरु पंक्तियाँ - दिव्यौघ पङ्क्ति में - १. आदिनाथ और २. उनकी शक्ति, ३ सदाशिव और
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