मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
कुलार्णव • अध्याय 6 • श्लोक 53
ब्रह्माण्डखण्डसम्भूतमशेषरससम्भृतम् । आपूरितं महापात्रं पीयूषरसमावह ॥
पात्रशुद्धि का मन्त्र - अन्त में निम्न मन्त्र से पात्र को शुद्ध करे:- ब्रह्माण्डखण्डसम्भूतमशेषरससम्मृतम् । आपूरितं महापात्रं पीयूषरसमावह ।।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुलार्णव के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

कुलार्णव के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें