अमृतेशी मन्त्र - अब द्रव्य को शुद्ध करने वाला ३५ अक्षरों का 'त्यमृतेशी' नामक मन्त्र जपे। यथा - ऐं प्लू स्त्रौं जूं सः अमृते अमृतोद्धवे अमृतेश्वरि अमृतवर्षिणि अमृतं स्त्रावय स्रावय स्वाहा।
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