उकार से उत्पन्न विष्णुजात १० स्थिति कलाएँ - १. जरा, २. पालिनी, ३. शान्ति, ४. ईश्वरी, ५. रति, ६. कामिका, ७. वरदा, ८. हलादिनी, ९. प्रीति और १०. दीर्घा - ये ट-त वर्ग की १० स्थितिकलाएँ हैं, जो उकार से उत्पन्न हैं और विष्णुजाता है।
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