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कुलार्णव • अध्याय 6 • श्लोक 3
निरस्तपातका यत्र मानवाः पुण्यकर्मिणः । कुलज्ञानसुसम्पन्ना भजन्ते ये दृढव्रताः ॥
पापों से रहित, पुण्य कर्म करने वाले, कुलज्ञान से सुसम्पत्र और दृढ़ व्रत वाले मनुष्य आपका भजन करते हैं।
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